PM Kisan 22nd Kist: देश के करोड़ों किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 21 किस्तें किसानों के खातों में भेजी जा चुकी हैं। पिछली किस्त 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी की गई थी। अब किसान भाई बेसब्री से 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं जिसमें उनके खाते में 2000 रुपये आने की उम्मीद है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक मदद देती है जो तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
इस योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी और तब से लेकर अब तक लाखों किसान परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। पिछली किस्त के दौरान लगभग नौ करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई थी। हर किस्त से पहले किसान यह जानना चाहते हैं कि पैसा उनके खाते में कब आएगा और उन्हें क्या तैयारी करनी होगी।
अगली किस्त कब तक आ सकती है
योजना के नियमों के अनुसार हर चार महीने में किसानों को एक किस्त दी जाती है। साल की पहली किस्त अप्रैल से जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच आती है। चूंकि 21वीं किस्त नवंबर के मध्य में आई थी, इसलिए चार महीने का समय फरवरी 2026 में पूरा हो रहा है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के आधार पर माना जा रहा है कि सरकार फरवरी 2026 के आखिरी हफ्ते या मार्च 2026 के पहले हफ्ते में 22वीं किस्त जारी कर सकती है।
हालांकि अभी तक कृषि मंत्रालय की ओर से किसी निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर अपना स्टेटस नियमित रूप से चेक करते रहें। सरकार किस्त जारी करने से पहले पात्र लाभार्थियों की सूची को फिल्टर करती है और केवल उन्हीं किसानों को पैसा भेजा जाता है जिन्होंने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।
इन किसानों को नहीं मिलेगी किस्त
सरकार ने योजना के नियमों को अब काफी सख्त बना दिया है ताकि केवल पात्र और जरूरतमंद किसानों को ही लाभ मिल सके। जिन किसानों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, उनकी अगली किस्त रोक दी जाएगी। यह प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है और इसके बिना पैसा आना पूरी तरह बंद हो चुका है। आधार से बैंक खाता लिंक होना भी जरूरी है और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी भी सक्रिय होना चाहिए।
इसके अलावा जिन किसानों के पोर्टल पर लैंड सीडिंग का स्टेटस नहीं दिख रहा है या भू-सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उनका पैसा भी अटक सकता है। रजिस्ट्रेशन के समय दी गई जमीन की जानकारी या बैंक विवरण में अगर कोई गलती पाई जाती है तो भी किस्त रुक सकती है। संस्थागत भूमिधारक, सरकारी कर्मचारी, आयकर भरने वाले किसान या दस हजार रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले लोग इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं।
अपना स्टेटस कैसे चेक करें
किसान भाई घर बैठे आसानी से यह जांच सकते हैं कि उन्हें 22वीं किस्त मिलेगी या नहीं। इसके लिए उन्हें आधिकारिक वेबसाइट पीएमकिसान डॉट गव डॉट इन पर जाना होगा। होमपेज पर फार्मर्स कॉर्नर सेक्शन में नो योर स्टेटस का विकल्प मिलेगा। वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर और कैप्चा कोड भरकर गेट डेटा पर क्लिक करना होगा। अगर रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है तो मोबाइल नंबर या आधार नंबर से भी यह जानकारी निकाली जा सकती है।
स्टेटस चेक करते समय यह देखना जरूरी है कि ई-केवाईसी, एलिजिबिलिटी और लैंड सीडिंग के सामने हां लिखा है या नहीं। अगर तीनों जगह हां है तो किसान को चिंता करने की जरूरत नहीं है और उनके खाते में किस्त जरूर आएगी। लेकिन अगर कहीं भी नहीं लिखा है तो तुरंत नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या जन सेवा केंद्र पर जाकर इसे ठीक करवाना चाहिए।
ई-केवाईसी कैसे पूरा करें
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पीएम किसान मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से किसान फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरे की पहचान का उपयोग करके घर बैठे अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया बेहद आसान है और कुछ ही मिनटों में हो जाती है। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक के जरिए भी यह काम करवा सकते हैं।
ध्यान रखें कि बिना ई-केवाईसी के अब किसी भी किसान को पैसा नहीं मिलेगा। सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए यह कदम उठाया है। इसलिए अगर आपने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है तो जल्द से जल्द इसे निपटा लें ताकि आने वाली किस्त में कोई दिक्कत न हो।
डिस्क्लेमर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त की कोई भी निश्चित तारीख अभी तक सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है। यहां दी गई जानकारी पिछले रिकॉर्ड और मीडिया अनुमानों पर आधारित है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पीएमकिसान डॉट गव डॉट इन पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें। किसी भी भ्रामक या अफवाह वाली खबर से बचें और सरकारी सूचनाओं का इंतजार करें।




