Solar Panel Yojana: आज के समय में बढ़ती महंगाई हर आम आदमी के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। खाने-पीने की चीजों से लेकर बिजली बिल तक सब कुछ महंगा होता जा रहा है। हर महीने आने वाला बिजली बिल घर के बजट में एक बड़ा छेद कर देता है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस समस्या का एक शानदार समाधान निकाला है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही सोलर रूफटॉप योजना के तहत आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बिल से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सरकार आपको सोलर पैनल लगवाने के लिए भारी सब्सिडी भी देती है। यह एक बार का निवेश है जो आपको आने वाले पच्चीस सालों तक बिजली बिल की चिंता से मुक्त कर देगा। सूरज की रोशनी से बिजली बनाना न केवल आपकी जेब के लिए फायदेमंद है बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छा है क्योंकि इससे कोई प्रदूषण नहीं होता है।
सोलर पैनल योजना क्या है और कैसे काम करती है
प्रधानमंत्री सोलर रूफटॉप योजना के तहत नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दे रहा है। इस योजना में ग्रिड से जुड़ी सोलर प्रणाली को शामिल किया गया है जिससे आप अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकते हैं। सरकार पहले तीन किलोवाट के सोलर पैनल पर चालीस प्रतिशत तक की सब्सिडी देती थी। लेकिन अगर आप तीन किलोवाट से ऊपर और दस किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाते हैं तो आपको अस्सी प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल सकती है।
यह योजना राज्यों की स्थानीय विद्युत वितरण कंपनियों के माध्यम से लागू की जा रही है। इसका मतलब है कि आप अपने क्षेत्र की बिजली कंपनी से संपर्क करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। सोलर पैनल लगवाने के बाद आप दिन के समय सूरज की रोशनी से बिजली बनाकर अपने घर के सभी उपकरण चला सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को बैटरी में स्टोर भी कर सकते हैं।
सोलर पैनल से क्या-क्या चला सकते हैं
दो किलोवाट का सोलर पैनल लगवाने के बाद आप अपने घर में एक साथ कई उपकरण चला सकते हैं। इसमें कूलर, पंखे, एक रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन, एलईडी लाइटें और मोबाइल चार्जर जैसी चीजें आसानी से चल सकती हैं। अगर आप थोड़ा बड़ा सिस्टम लगाते हैं तो एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन, गीजर और इंडक्शन चूल्हा भी चलाए जा सकते हैं। पानी निकालने के लिए सबमर्सिबल पंप भी इस बिजली से आराम से काम कर सकता है।
यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आपके घर में कितना लोड है और आपने कितनी क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया है। बड़े घरों के लिए तीन से पांच किलोवाट का सिस्टम ज्यादा उपयुक्त रहता है जबकि छोटे परिवारों के लिए एक से दो किलोवाट का सिस्टम काफी होता है। सोलर पैनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लंबे समय तक चलता है और इसमें रखरखाव की लागत बहुत कम आती है।
कितना खर्च आएगा और कितनी मिलेगी सब्सिडी
अब बात करते हैं खर्च की तो दो किलोवाट का सोलर पैनल सिस्टम लगवाने में आपको लगभग एक लाख बीस हजार रुपये का खर्च आता है। लेकिन इसमें सरकार की ओर से आपको चालीस प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल जाती है। इस हिसाब से सरकार आपको लगभग अड़तालीस हजार रुपये की सब्सिडी देती है और आपको केवल बहत्तर हजार रुपये ही खर्च करने पड़ते हैं। यह एक बार का निवेश है जो आने वाले पच्चीस सालों के लिए आपको बिजली बिल की चिंता से मुक्त कर देता है।
सोलर पैनल की औसत आयु पच्चीस साल होती है और इस दौरान इसमें बहुत कम रखरखाव की जरूरत पड़ती है। अगर आप महीने के हिसाब से देखें तो जो पैसा आप बिजली बिल में देते हैं, वह बच जाता है और कुछ ही सालों में आपका निवेश वापस आ जाता है। उसके बाद के सालों में आपको पूरी तरह मुफ्त बिजली मिलती रहती है जो एक बड़ी बचत है।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए आपका भारत का स्थायी निवासी होना जरूरी है। देश का कोई भी नागरिक चाहे वह किसी भी राज्य से हो, इस योजना का फायदा उठा सकता है। आवेदन करने के लिए आपके पास आधार कार्ड और बैंक खाता पासबुक होनी अनिवार्य है। इसके अलावा राशन कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज भी चाहिए होंगे। केवल घर ही नहीं बल्कि स्कूल, अस्पताल, कार्यालय और उद्योग भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
योजना के कई फायदे हैं
सोलर पैनल लगवाने के अनेक फायदे हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप अपनी बिजली खुद बनाते हैं और महंगे बिजली बिल से छुटकारा पाते हैं। छत पर लगने वाले इस सिस्टम के लिए अलग से जमीन की जरूरत नहीं होती है। अगर आपके सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है तो आप उसे बिजली कंपनी को बेच भी सकते हैं जिससे आपकी अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। यह डीजल जनरेटर के इस्तेमाल को कम करता है जिससे पर्यावरण को भी लाभ मिलता है और प्रदूषण घटता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। सोलर पैनल योजना की सब्सिडी दरें और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए कृपया अपने राज्य की विद्युत वितरण कंपनी या नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अधिकृत विक्रेताओं से संपर्क करें और सभी शर्तों को ध्यान से समझें।




